सिग्नल ग़ायब — 23:47

आख़िरी रोशनी, बस उसकी स्क्रीन।

कोई लापता है। उसका फ़ोन अब भी जल रहा है। जो कुछ जानना ज़रूरी है, सब अब भी उसी में है — मैसेज, तस्वीरें, बैंक, सफ़र। खंगालिए। जोड़िए। इल्ज़ाम लगाइए।

Last Seen की लॉक स्क्रीन, केस शुरू होने से पहले संपर्कों और बैंक की आख़िरी सूचनाएँ दिखाती हुई
12 की रात
21:40आख़िरी कॉल
22:58400 € की निकासी
23:31बिना जियोलोकेशन तस्वीर
23:47सिग्नल ग़ायब

आपके और सच के बीच बस चार क़दम।

लॉक स्क्रीन से लेकर इल्ज़ाम तक।

फ़ोन खोलिए

मैसेज, गैलरी, बैंक, नक़्शे, हेल्थ। हर ऐप चलती है, हर ऐप के पास कहने को कुछ है।

पंक्तियों के बीच पढ़िए

एक वक़्त जो अलीबी को झुठला दे। एक तस्वीर वहाँ की, जहाँ वह क़सम खाता था कि कभी गया ही नहीं। झूठ पर झूठ जोड़ते जाइए।

इल्ज़ाम लगाइए

छह जवाब: कौन, क्या, कब, कहाँ, कैसे, क्यों। सर्वर हर पहलू को बेरहमी से जाँचता है।

घड़ी को हराइए

अंक सटीकता और रफ़्तार पर। हर केस का अपना लीडरबोर्ड, और आपकी लगातार लय पर एक ग्लोबल।

हर ऐप उस रात का एक टुकड़ा छुपाए है।

एक असली फ़ोन, ऐप-दर-ऐप दोबारा बनाया गया।

Last Seen का होम, जो नया केस और केस श्रेणियों का ग्रिड दिखाता है
Last Seen का मैसेज ऐप, संदिग्ध के संपर्कों के साथ बातचीत की सूची दिखाता हुआ
Last Seen की केस ब्रीफिंग, जो ग़ायब होने और हल करने वाले सवाल को पेश करती है
Last Seen की इल्ज़ाम स्क्रीन, छह आयामों के साथ: कौन, क्या, कब, कहाँ, कैसे और क्यों
Last Seen में दोबारा बनाए गए फ़ोन की होम स्क्रीन, जिसमें मैसेज, गैलरी, बैंक और खोले जा सकने वाले दूसरे ऐप हैं

केस · मैसेज · ब्रीफिंग · इल्ज़ाम · होम

एक असली केस के ख़िलाफ़ एक बराबरी की जंग।

हर 2 दिन में एक नया केस

क़रीब हर दो दिन में एक नई फ़ाइल आती है। सब्सक्राइबर्स को पहले पहुँच मिलती है; बाक़ी सबको थोड़ी देर बाद। एक छूट गया? पूरा अभिलेखागार आपका इंतज़ार कर रहा है।

48 hहर केस के बीच

हर बात साबित होती है

न पासे, न तुक्के। सबूत इसी फ़ोन में कहीं है।

पैसे से जीत, कभी नहीं

जवाब कभी बिकते नहीं। हर केस आख़िर में मुफ़्त हो जाता है।

आपकी भाषा में

15 भाषाओं में उपलब्ध, और भी जल्द आ रही हैं।

15

Last Seen

स्क्रीन अब भी जल रही है।

Android और iOS पर उपलब्ध।